पिता है तो मकान भी खुशियों से भरा घर है,
पिता है तो सारे दुख दर्द भी जैसे कोसो दूर है।
पिता है तो रास्ते के कंकर भी हरी भरी घास है,
पिता है तो हर दिन खुशियों से भरा खुला आसमान है।
पिता ही है जो बेटी के जन्म पर खुशी से कूदते है,
पिता ही है जो उसीकी बिदाई पर फुट फुट के रोते है।
पिता है तो सारा समाज अपना है,
पिता है तो दुनिया घूमना भी कहा सपना है!!
पिता है तो हम हम है,
पिता के बिना जीवन जैसे चाय पानी कम है।
पिता है तो सारे जहां की खुशियां मेरी है,
पिता के बिना जीवन समुंदर बिना पाणी है।।
Mitra Sheth