बीता वक़्त कभी लौट कर नहीं आता
तो बीते वक़्त की बातें क्यों लौट आती हैं?
जो गुज़र गया, उसकी यादें क्यों सताती हैं?
बीता वक़्त कभी लौट कर नहीं आता
तो हाँथ छोड़ कर जाने वाले अब क्यों लौट कर आ रहे हैं?
ख़तम हों चुके किस्सों को क्यों फिर से दोहरा रहे हैं?
बीता वक़्त कभी लौट कर नहीं आता
तो धोके पाकर सीखे हुए सबक से आगे बढ़ने दो!
पीछे से आवाज़ देकर बुलाना बंद करो,सामने तो चलने दो!
बीता वक़्त कभी लौट कर नहीं आता
तो बीती बातें दोहरा कर नहीं कोई फायदा!
अतीत में जीवन व्यतीत करने का मत बनाओ क़ायदा!
बीता वक़्त कभी लौट कर नहीं आता
तो गुज़रे समय के साथ इंसानों को भी नहीं लौटना चाहिए।
एक आखिरी मौके के नाम पर फिर से धोका नहीं देना चाहिए।