दूर चमकते तारे को देख
भटक ना जाना तुम
अपने घर के दिए को देख
दिल से खुश हो जाना तुम
मन में उम्मीदों के महल सजाए
आगे बढ़ते जाना तुम
आशाओं के दीपक से
सपनों को राह दिखाना तुम
जो भटको पथ से जब तब
ईश्वर के सम्मुख जाना तुम
उनपर आंखें मीच भरोसा
मन से करते जाना तुम
दूर चमकते तारे को देख
भटक ना जाना तुम
मत देखो पीछे मुड़ मुड़ कर
आगे कदम बढ़ाना तुम
मंज़िल पथ पर मिलने वाली
हर दिक्कत को
हंस कर गले लगाना तुम
दूर चमकते तारे को देख
भटक ना जाना तुम
दृढ़ निश्चय करके मन में
बस यूंही चलते जाना तुम
छोटी छोटी विपत्तियों से
डर हार मान ना जाना तुम
दूर चमकते तारे को देख
भटक ना जाना तुम
जो होगी निष्ठा सच्ची
ईश्वर भी विनती सुन लेंगे
तेरे भाग्य के शूलों को
वो पल भर में ही चुन लेंगे
छोटे छोटे कदमों से ही
इक दिन लंबी दूरी भी तय हो जायेगी
मंज़िल को पा लेने पर
सारी थकान मिट जायेगी
मेहनत करने वालों की
होती कभी ना हार है
जीवन जीने का ये
एकमात्र ही सार है।