कुछ लड़ाईयां भीतर से ही लड़ी जाती हैं।
आपको ऐसा लगता है कि सामने वाला आपसे अच्छे से हंस बोल रहा है किंतु उसके मन में आपके लिए क्या है?
यह जो मन ही मन लड़ी जाती हैं यह लड़ाईयां बहुत खतरनाक होती हैं ।
इनके वजह से मन विचलित रहता है और हम रोते पड़े रहते हैं हमेशा एसी लड़ाइयों से दूर रहें और खुद के मन को पवित्र रखें ऐसी लड़ाइयों को मन में जगह न दें।।