वो पुरानी याद(१९६२--६३)
फिर आई याद
शिलांग का चौराहा
तीन स्कूल
छुट्टी होती एक साथ
तीन शोडशी मिलतीं
मुझे साथ
तीनों वणशंकर
एक से एक सुंदर
कहती मुझे टोली
एक कहती लवली
हल्की सी मुस्कान
छण भर की मुलाकात
याद आती आज
तीन शोडशी की याद
खत्म हुई मुलाकात
बन गई एक याद
ख़ुश रहें तीनों