आसान नहीं होता
औरत का औरत बनना
त्यागना पड़ता है स्वयं को
बनना पड़ता है जब
किसी के घर की इज्जत
छोड़ना पड़ता है अपने मोह को
जब जागता है ममता का स्नेह
दुनिया ही पलट जाती है
जब बदल जाता है घर
दिन पर दिन बदलती दिनचर्या
टूटता बदन फिर भी
हर वक़्त आवाज रहती
हाँ जी आई....!!!