#प्रेम
प्रेम में पुरुषो के कँधो पर "
भारी भरख्म ज़म्मेदारियां होतीं
स्त्री की ऐक झलक पाने के
लिएँ पुरुष समर्पण चेन
सुकून नींद न जाने और कितनी
चीज़ो की आहुतियां देता हैं
उस समय पुरुष का हृदय
दुख से भर जाता हैं
और इसी दुख के साथ
कविताएं जन्म लेती हैं ...
निक राजपूत