hasi ban gaye..my lyrics sad version
बांध कर मन्नत के घागे...
तूं दुआ है अगर कोई...
मांग लूं खुदा से अभी के अभी...
रातों को जो निंद से दूर भगाये...
तुम वो बैचेनी बन गये हो...
भिगोती है जो गालों को....
तुम आंखों कि वो बुंदे बन गये हो...
रुठी रुठी सी लगती है किस्मत...
कुछ इस तरहा से गये हो तुम...
आंखों कि नमी दिल कि कमी...
धड़कनों कि धीमी धीमी हलचल बन गये हो तुम...
मर गई हवा..घूंट रही सांसें...
जिने कि वजह से लग रहे हो तुम...
हां हंसी बन गये..हा नमी बन गये
तुम मेरे आसमां मेरी ज़मीं बन गये