#विचार
जीवन के सफर मे अंगिनत मुसाफिर देखे है आप अकेले दुःखी नहीं हो, हमने भी दुःख देखा है।
मंजिल तक हम भी नहीं पहोचे पर कहीं लोगो को राह तक पहोचते देखा है।
ईश्वर से कभी कोई फरियाद नहीं की, क्योंकि उनको भी रोते हुए देखा है।
अपने लोगो को पराया और पराये को अपना बनते देखा है।
जीवन मे सबकुछ किसीको नहीं मिलता है फिर भी मुझे कुछ नहीं मिला, ये कहते सुना है।
जीवन मिलना है किस्मत से, उसे जी भर के जिलो, क्योंकि कहीं लोगो को जीवन के लिये तरसते हुए भी देखा है।
(अपनी लिखी पुरानी किताब को पढ़ रहे थे। तभी ये मिला जो हमने दिव्य भास्कर की पूर्ति में से लिखा था।)
_Miss Chhotti