माँ की ममता अपार,
प्रेम की भेंट निरंतर।
माँ ही है सबसे प्यारी,
जननी, जीवन दातारी।
जन्म से लेकर बड़े होने तक,
माँ का सहारा है बचपन का ठिकाना।
वो ही थामती है हमारा हाथ,
चाहे गर्भ में हो या आगे चले जब हाथ।
माँ की देखभाल, माँ का प्यार,
हमेशा साथ रहे, हर पल निहार।
वो ही होती है अपार मेहनती,
सुख-दुख के हमेशा संगी होती।
अच्छे और बुरे दिनों में,
माँ ही होती है संग हमें।
जब डरते हैं, तब वो ही संभालती,
प्यार और स्नेह से हमें बहलाती।
माँ के आँचल में छुपा अमर वतन,
हमें बनाता स्वर्ग सा नगर।
माँ के आंचल की छांव में,
पाती हैं हमें शक्ति, सम्मान व सौभाग्य का नगर।
माँ की ममता अद्भुत, अलौकिक,
चिंता, दुःख को हमेशा दूर करती।
बेटे और बेटियों की है रक्षा करती,
प्यार और स्नेह से उन्हें पालती।
माँ की गोद में सुलाए जाते हैं हम,
वो ही देती है खुशियों का संग्रह।
जब हम गिरते हैं, तब वो ही संभालती।