*"दरकती हैं उम्मीदें"*
बीत गया एक और लम्हा..
बीतती है यूँ ही उम्र भी...
बँट जाती है महीनों, दिनों, लम्हों में...
हर पल की #उम्मीदें ...
कुछ पूरी, कुछ अधूरी...
आइने में दिखती है एक परत...
छोड़ जाता है हर पल...
कितनी यादें, कितने लम्हे...
यही लम्हे तो है थाती जीवन की...
संजोये हुए वो सारे लम्हे...
कभी हँसाएँगे, गुदगुदाए,
कभी आँखे नम कर जाएँगे...
संभाल कर रख लेना इन्हें ...
ये उम्र भर काम आँएगे...