सादर समीक्षा हेतु प्रस्तुत है मेरी ओर से एक सजल 🙏🙏🙏
सजल
समांत - अय
पदांत - हो
मात्रभार -14
सही-सही जब निर्णय हो।
सुशासन से परिचय हो।।
नेताओं को परखें समझें,
लोकतंत्र की जय जय हो।
सोच समझ कर वोट करें,
सुख शांति हर निर्भय हो।
कब आ जाती किसे पता,
मौत द्वार पर असमय हो।
मंडप सजा रंँगमंच का,
अच्छा सुंदर अभिनय हो।
मनोजकुमार शुक्ल "मनोज "
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