बहुत लोग पूछते हैं
कि तेरा गाँव किधर है?
शहर में आकर मैं कैसे बताऊँ कि
वह मेरे मन में है।
बहुत लोग पूछते हैं कि
हमारे देश के दो नाम क्यों हैं,
उनसे कैसे कहूँ कि
जमाना हो गया उसे भारत कहे हुए।
बहुत लोग पूछते हैं
कि कभी प्यार किया क्या?
उनसे कैसे कहूँ कि
दुखती रग पर हाथ मत रखा करो।
***महेश रौतेला