ये सच है की,
बेटी पराई अमानत होती है।
पर बेटो को,
किसीने अपना बनाया ही नहीं।
ब्याह के बाद लड़की ससुराल रहती है,
अलग अपने घर में रहती है, चाहे तो मायके लौट जाती है।
लड़का इज्जत से ना ससुराल रह पाता है, ना अपने घर में उसे सुकून से रहने दिया जाता है। अगर अलग हो जाए तो ना जाने कितने धक्के खा कर बस रात बिताने की जगह खोजता है।
लड़की नाराजगी में मुंह फुलाले तो उसे मना लिया जाता है,
हमदर्दी जताने हजार हाथ आते है।
लड़का अगर गुस्से में अकल की बात करे तो भी घमंडी हो जाता है। अपनी बीती किसी को बता दे तो नामर्द हो जाता है।
फिर खुद को खुश रखने हवस और नशे का पुजारी मजबूरी में बन जाता है।
10 साल की लड़की आगे कब समझदार कहलाई पता नहीं रहता।
10 साल का कोई खेलता हुआ लड़का कब बेवजह जलील होके टेंशन में आ जाता है, पता नहीं रहता !