" zindagi "
क्या है जिंदगी ?
शायद मोत से पहले का सफर है जिंदगी ।
जिंदगी शायद पहेली है।
जीसे जेसे जेसे सुलझाओ वेसे वेसे उलझती है।
क्या है जिंदगी?
किसी चेहरे की हंसी है जिंदगी,
तो शायद किसी के आंखों की नमी है जिंदगी ।
क्या है जिंदगी,
शायद बिना मंजिल के रास्ते पर निकल पड़े हैं,
शायद यही है जिंदगी।
मेरे पापा के आंखों में देखी उम्मीद ,
शायद वही है जिंदगी।
क्या है जिंदगी?
शायद तू इम्तिहान है जिंदगी ,
कभी रुलाती और कभी हंसाती है,
यूं ही बेवजह सताती है जिंदगी।
क्या है जिंदगी?
शायद किसी के ख्वाब बून्ना है जिंदगी।
क्या है जिंदगी?
किसी के साथ बैठकर मिलता सुकून ,
शायद यही है जिंदगी।
जिंदगी में मिली जिंदगी
जिंदगी ने मारी ठोकर जिंदगी को ,
और सिखाया
यही है जिंदगी, यही है जिंदगी ।
Dhara Vyas