जिंदगी की जामा-पूंजी अगर कोई free मैं देता है तो बाप ही होता है बाकी इतना बड़ा दिल रखना इंसान के बस मैं नही है। हाँ मैं किसके Dad को इंसान नही मानता क्योकि हर कोई बिना तोलमोल के प्यार नही कर सकता , महान होता है ऐसा व्यक्तित्व।।
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कई बार मेरी जीत होती है तो खुश क्यों होता था उसकी हार देखकर जिसकी पहली और सारी हार मैं ही हु। लेकिन अब उनसे हारने से और मेरे गलत होने पर कोई सिकवा नही है। उनसे हारने की चाह लगी रहती है क्योंकि मेरे अभी बहुत से और भ्रम टूटेंगे, मुझे अभी और गलत होना बाकी है।
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