Hindi Quote in Good Evening by ब्रह्मदत्त उर्फटीटू त्यागी चमरी हापुड़

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सभी शिव भक्तों को शुभ प्रदोष व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं समस्त भक्तों की तरफ से आओ जानकारी लेते हैं कल आने वाले प्रदोष व्रत के विषय में -ब्रह्मदत्त त्यागी
यूं तो आज़ भगवान श्री गणेश अर्थात देवों में प्रथम पूजनीय भगवान का शुभ दिन बुधवार है आज श्री गणेश पिता महादेव महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू का प्रदोष व्रत भी है ......
प्रदोष व्रत की संपूर्ण जानकारी
भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत पुण्य कमाने के द्वार खोल देता है, इसमें महादेव के सभी भक्तों की असीम आस्था निहित है। प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने में दो बार आता है, यानी कि शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में। हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत कहा जाता है।
आने वाले कल प्रदोष व्रत का संपूर्ण उल्लेख ➖ ब्रह्मदत्त
शुभ मुहूर्त:
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पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी का आरंभ कल 24 अगस्त 2022 को सुबह 08 बजकर 30 मिनट पर होगा। वहीं इसका समापन 25 अगस्त 2022 को सुबह 10 बजकर 37 मिनट पर होगा।
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आइए अब जानते हैं कि क्यों है यह व्रत इतना महत्वपूर्ण

शब्दों में शिव जी की कृपा की व्याख्या करना संभव नहीं है। यह कृपा जिसपर भी होती है, उसे जीवन का सार समझ आ जाता है। ईश्वर का आशीर्वाद पाकर, कोई भी व्यक्ति सभी दुखों से उपर उठकर विषम परिस्थितियों में भी सुख को ढूंढ लेता है।
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सच्चे मन से भगवान शिव में आस्था रखने वाले लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत सभी शिव भक्तों से लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन वे लोग महादेव के प्रति अपने समर्पण को व्यक्त करने के लिए व्रत व पूजा पाठ करते हैं।मान्यता यह भी है कि अविवाहित लोग भी एक अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए इस व्रत को करते हैं।
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आइए, अब जानते हैं प्रदोष व्रत के दिन किन विशेष बातों का खास ख्याल रखना चाहिए और किन चीजों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

मान्यता है कि प्रदोष काल में उपवास में सिर्फ हरे मूंग का सेवन करना चाहिए, कहा जाता है कि हरा मूंग पृथ्वी तत्व है और मंदाग्नि को शांत रखता है, हालांकि आप पूर्ण उपवास या फलाहार भी कर सकते हैं।प्रदोष व्रत कि पूजा में कंबल या कुशा के आसन का प्रयोग करें।

आप इस दिन तालाब या नदी किनारे जा कर मछलियों को आटे की गोलियां खिला सकते हैं। इस किसी गरीब या ज़रूरमंद व्यक्ति को दान देने से भी पुण्य मिलता है।
इसके अलावा व्रत के दिन केवल सात्विक चीजों का ही भोग लगाएं।

इस व्रत में लाल मिर्च,अन्न, चावल और सादा नमक नहीं खाना चाहिए। इस दिन बार-बार फलाहार करके मुंह जूठा नहीं करना चाहिए, इससे व्रत भंग हो जाता है। दिनभर क्रोध एवं विवाद करने से बचना चाहिए।

इन बातों के ध्यान में रखते हुए आप प्रदोष व्रत का पालन करें, आपकी पूजा निश्चित रूप से फलदायी होगी।➖ ब्रह्मदत्त त्यागी
विधि पूर्वक करें प्रदोष व्रत की पूजा अर्चना ➖
विधि से करें प्रदोष व्रत की पूजा
इस लेख में आगे प्रदोष व्रत की पूजा विधि➖ प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

Hindi Good Evening by ब्रह्मदत्त उर्फटीटू त्यागी चमरी हापुड़ : 111827478
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