रचना आप सभी को तहेदिल बधाई देना चाहती हुं कि आज ७५वा महोत्सव की सन्धा है।१५ अगस्त १९४७को हमारा देश अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ था।।।।।।।
एक छोटी सी शुरूआत।।🙏🙏
हमारा देश तो शायद आजाद हो गया है पर क्या हम अभी तक आजाद हो पाएं है।
क्या आज भी बहु , बेटी आजादी के साथ बाहर घुम रही हैं।
मुझे नहीं लगता है हम कहने को आजाद हो गए हैं पर अपनी स्वाधीनता को नहीं ढुंढ पाएं है। अभी तक कहीं ना कहीं पराधीन ही है।
अपने स्व चेतन को जागरूक करने के लिए हमें चाहिए कुछ न कुछ करना ताकि कभी भी किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े। अगर पड़े तो सिर्फ दोस्ती का हाथ ही बढ़ाए।
मुझे नहीं पता कि मेरी बातों का कौन कितना सहमत हो पाता है पर फिर भी मैं चाहती हूं कि आप सभी अपनी राय जरुर दे।
जय हिन्द जय भारत!