हम सब मे एक समान्य सी , समान कमी है ,
कभी - कभी हम अपनी प्रतिक्रिया देने के पश्चात ,
दूसरों की प्रतिक्रिया का इंतजार अपनी प्रतिक्रिया पर मूल्याकंन के लिए करते है | फिर हम सोच लेते है कि हमारी प्रतिक्रिया शायद अनुचित होगी , किसी को बुरा लगा होगा और तुरन्त एक और विपरीत प्रतिक्रिया दे देते है | यह आवश्यक नही | अपने शब्द वाक्यों पर भरोसा होना चाहिए |
संबधित लेख हाल ही में एक प्रतिक्रिया ( कमेंट) पर आधारित |