माता पिता संतान के लिए भगवान ही है मगर , माता पिता भी संतान है यह संतान की परम्परा जहाँ खत्म होती है वही सनातन अर्थात परमेश्वर है | यह बात भी नही भूलनी चाहिए अतः वही हमारे वास्तविक माता पिता है | हमारे दैहिक माता पिता को उनका प्रतीक मानकर पूजना चाहिए |