सुनो अब तो तुम जा रही हो,
ख्याल मेरा कौन रखेगा।
सुनो अब तो तुम जा रही हो,
ख्याल मेरा को रखेगा।।
तुमको दुल्हन के जोड़े में सजा देख कर,
मैं सहम गया था।
नीचे तुम्हारी बारात खड़ी देख कर,
मैं डर गया था।
मत पूछो उस दिन वो रात कैसे कटी थी,
उस दिन मेरी साँसे कितनी बार रुकी थी।
मगर फिर भी नजाने कैसे में बच गया,
अब मेरा ध्यान कौन रखेगा।
सुनो अब तो तुम जा रही हो,
ख्याल मेरा कौन रखेगा।।
तबियत मेरी जल्दी खराब हो जाती है,
मुझको नुक्से अब को बताएगा,
जुखाम होने पर ठंडा पानी नही पीना है,
ये हुक्म अब कौन देगा,
सोता नही था रात रात भर मैं,
पुराने पल याद करो नींद आ जायेगी,
अब कौन कहेगा,
सुनो अब तो तुम जा रही हो,
ख्याल मेरा कौन रखेगा।।
कई दिन बाद जब वापस आऊँगा,
तो गले मे किसको लगाऊँगा।
तुम तो तब तक चली गयी होगी,
फिर मैं वहां किसके लिए जाऊँगा।
मेरी अच्छी बुरी मिल्कियत (शायरी) को,
बहुत अच्छी है ये कह के मुझको खुश कौन रखेगा,
सुनो अब तो तुम जा रही हो,
ख्याल मेरा कौन रखेगा।।