हे ! कृष्णा तेरा कैसे शुक्रिया अदा करूं
तूने जो मुझे इस काबिल बनाया
और मुझ पर तेरी यह जो रहमत है
उसका कैसे में शुक्र मनाऊं
किस तरह से इसका ॠण अदा करूं मैं
कैसे बताऊं कि मैं तेरी कितनी कर्जदार हूं
कैसे मैं तुम्हें बताऊं कि मैं कितनी खुशहाल हुं
तेरे एक दीदार को तरसे बांवरा मन मेरा
अगर हो जाए दीदार तेरा तो सुध-बुध खो बैठुं मैं,
न संभल पाऊं में अपने आप को... बिंदु
मेरे पास जो भी है तेरी ही बदौलत है
मैं अगर भटक जाऊं राह भी तो
तूं मुझे संभाल लेता है
कैसे कहूं कि कितना मुझ पर तूं मेहरबान है
हे कृष्णा मेरा हाथ पकड़ के रखना सदैव
मेरा तेरे सिवा कोई नहीं यहां शुभचिंतक
एक तू ही है जो जाने मेरे मन की बात
हे !कृष्णा तेरा कैसे शुक्रिया अदा करूं मैं....
जय द्वारकाधीश 🙏🏻
०४::०५ AM
२३/०६/२२