ज़िस्म का नहीं, तेरी खूबसूरत रूह का दीवाना हूं मैं
श्रृंगार का नहीं, सुबह के तेरे बिखरे बालों का दीवाना हूं मैं
सादे अल्फ़ाज़ों का नहीं, तेरे चंचल चितवन का दीवाना हूं मैं चूमने का नहीं, तुझे बांहों में भरने का दीवाना हूं मैं...
बांसुरी का नहीं, तेरी मासूम सदा का दीवाना हूं मैं.....
तेरे होने के सिवा मुझे जहां से कुछ नहीं चाहिए तेरा दीवाना हूं मैं, तेरा दीवाना हूं मैं और बस...यही मेरी महोब्बत का इकरार है