आस लगाई जाती है बेटो से
और पुरी करती है बेटीयाँ।
बेटो की पढाईपे अच्छा खर्चा कीया जाता है
पर परिणाम लाती है बेटियाँ।।
रुलाते है बेटे
तब रोती है बेटीयाँ।
गिराते है बेटे
तब संभाल लेती है बेटीयाँ।।
बटवारा करते है बेटे
पर जोडे रखती है बेटीयाँ।
बेटा है सम्मान तो
हर मां बापका अभिमान होती है बेटीयाँ।।
दीया जाता है खाद पानी बेटो को
लहलहाती है बेटीयाँ।
फिर क्यु बेटा आने पर सब खुस होते है
और बेटी अाने पर दुःखी?