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🍀💐🌹शुभ रात्रि🍀💐💠🌹
➖शुभ संध्या वंदन शुभ रात्रि➖
दोस्तों, मित्रों, साथियों आपको रात्रि नमस्कार ब्रह्मदत्त त्यागी _____________________
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आज का सुविचार- सत्यवचन
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
जज्बातों में किए हुए वादे, जज़्बात खत्म होते ही खत्म हो जाते हैं.......
दृढ़ता से कहा हुआ कोई भी वादा, या कोई भी काम अवश्य पूरा होता है.....
रिश्ता होने से रिश्ता नहीं बनता,
रिश्ता निभाने से रिश्ता बनता है।
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"दिमाग"से बनाये हुए "रिश्ते"
एक कृत्रिम खुश्बू जैसे होते हैं, जो केवल स्वार्थ और लालच तक सीमित रहते हैं और वह केवल मुनाफे के बाजार तक चलते है,,,!
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और जो रिश्ते
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"दिल" से बनाये जातें हैं वह "रिश्ते"
आखरी सांस तक चलते है,!!
क्योंकि उन रिश्तो में ना कोई स्वार्थ होता है और ना कोई लालच........ प्रस्तुतीकरण ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
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