अपने आप से वादा किया है ...
ना तुझसे मिलने का ना तुझेसे बात करने का
पर तेरी हर एक की याद मुझे सताती है ,मुझे तड़पाती है
कभी-कभी सोचती हूं यह सारे बंधन तोड़ के तेरे पास आ जाऊं
और तेरे आगोश में मैं खो जाऊं .. बिंदु
पर मुझे इन जिम्मेदारियों के बोझ ने जकड़े रखा है
ना में तेरे पास आ सकती हूं ना मैं तेरे आगोश में सो सकती हूं
जीते जी भी नींद कहां आती है ,,,
फिर भी ना जाने क्यों तेरे ही ख्वाबों खयालों में खोई रहती हूं
कभी-कभी लगता है तू मुझे पुकार रहा है
पर मैं अपने मन को मनाती हूं कि यह केवल एक भ्रांति है
कैसे समझाऊं मैं अपने दिल को कि
अब तू इस सकल विश्व में है ही नहीं सिर्फ तेरी यादे है
और समझाती हूं इस बावरे मन को कि तेरी यादों के सहारे ही
अब मुझे जीना है ....
ना कर तू मुझे इतना परेशान तेरी ही थी तेरी ही रहूंगी
जब तक धड़कती है यह सांसे मेरी ......
Just for you Anurag
Miss you so much
०९:०३ PM
२८/०५/२२