इस कुदरत ने सब कुज दिता
करजदार है हर प्राणी
कुदरत हे साडी मवा वर्गि
खियाल करो इस सोहनी कुदरत द
इस दे विच सारा जग समाया
कुदरत दे विच हरियाली
इस हरियाली ने सब कुज दिता
अहसंन् मंद ह हर प्राणी
ना करो दूषित इस सोहनी कुदरत नु
खियाल करो इस सोहनी कुदरत द
नही जी सकदा कोई
बिन हरियाली
कुदरत कविता
बाय_गुरप्रीत सिंह