भोर (दोहा - छंद)
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डाल डाल पर कर रहे, पंछी देखो शोर।
नव प्रकाश के साथ में, आई देखो भोर।।
चिड़िया चहकी भोर में, बोले देखो मोर।
ठंडी ठंडी पवन हैं, सुंदर छवि हर ओर।।
सूरज दादा आ गये, प्यारी सी हैं भोर।
फूल खिले हैं बाग में, महक उठी सब ओर।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित