मालूम है कि चलते हो मुझसे पहले ,
रहते हो मेरे पीछे ,
बीच मे भेदती आँखे निरन्तर ,
अपने ही मुँख को देखती |
हाँ !तुम्हारा ही तो है ,
तुम्ही ने तो बनाया है मुझे! |
पर मै जानती नही हूँ,
पहँचानती नही बस ,
महसूस करती हूँ अपने ही भीतर ,
हर पल सुनते हुए तुम्हे |
क्रमशः
#तुम_दूर_नही_हो
#तुम_तुम_नही_हो |