0️⃣1️⃣0️⃣4️⃣2️⃣2️⃣एक अप्रैल दो हज़ार बाइस । शुक्रवार । शुभ समय । वसंत ऋतु । आज "चैत्र अमावस्या" और "ओडिशा दिवस" है । विक्रमी संवत २०७८ पूर्ण ।
(१) ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो लेकिन उसे पूरा करने की जिद बड़ी होनी चाहिए ।
(२) You will never be given a dream without being given the power to make it true....
(३) प्रार्थना में प्रभुजी आपकी बात सुनते हैं और ध्यान में आप प्रभुजी की ।
(४) विचित्र पहेली हैं इन हाथ की लकीरों में, सफ़र तो लिखा है लेकिन रास्ता नहीं लिखा ।
(५) मीठी मुस्कान, तीखा गुस्सा और नमकीन आंसू, इन तीनों के स्वाद से बनी है रेसिपी ज़िंदगी की ।
(६) कभी कभी गुस्सा, मुस्कराहट से भी ज्यादा स्पेशल होता है क्योंकि स्माइल तो सबके लिए होती है मगर गुस्सा सिर्फ उनके लिए होता है जिसे हम कभी खोना नहीं चाहते ।
(७) अकेले होना और अकेले रोना, इंसान को बेहिसाब मज़बूत बना देता है ।
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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