मन में अब संयम आ रहा है मैंने बहुत प्रयत्न किया था इस सकारात्मक परिवर्तन को अपने अंदर भी किसी तरह लें आऊं पर हर दिन अपनी भावनाओं से हार रही थी अब उसको देखा मैंने वो अपने जीवन को जिस तरह निर्वाह कर रहा है वही मेरा प्रेरणास्रोत है आहत अब भी हूँ खुद को बदल देना ये मैंने नहीं चाहा था