*नमन्ति फलिनो वृक्षाः नमन्ति गुणिनो जनाः। शुष्कवृक्षाश्च मूर्खाश्च न नमन्ति कदाचन॥*
अर्थ : - फलदार वृक्ष की शाखायें झुक जाती है। जिनमें (दया, परोपकारः, सहनशीलता, मधुरभाषण) आदि गुण होते हैं, वे स्वभाव से विनम्र होते हैं। सूखे वृक्ष और मूर्ख व्यक्ति कभी विनम्र नहीं होते हैं।