2️⃣7️⃣0️⃣2️⃣2️⃣2️⃣सत्ताइस फरवरी दो हज़ार बाइस । रविवार । शुभ समय । वसंत ऋतु । आज
विजय एकादशी (वैष्णवी) है ।
(१) यदि आप खुश नहीं हैं तो संपत्ति, पैसा, उपलब्धि, प्रतिष्ठा, सम्मान और पद; ये सब कोई मायने नहीं रखते ।
(२) दूसरों पर निर्भर रहने वाले कभी खुश नहीं रह सकते इसलिए लायक बनिए ताकि अपनी जरूरतों और इच्छाओं को पूरा कर सकें ।
(३) Every struggle in your life has shaped you into the person you are today.. Be thankful for the Hard Times, They can make you stronger.
(४) कभी खुशहाल, कभी उदास, कभी जीत तो कभी हार होगी, ये ज़िंदगी की सड़क है, धीरे धीरे पार होगी ।
(५) खोना मत किसी के बहकावे में आकर, बहुत मुश्किल से मिलते हैं ये सीने से लगाने वाले ।
(६) पैसा वही है जो पास में है, ताकत वही है जो हाथ में हैं और अपने वही हैं जो साथ में हैं ।
(७) जब दिल में कहने को बहुत कुछ हो, जुबां ख़ामोश हो और कोई समझने वाला न हो उसे कहते हैं तकलीफ़ !
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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