पता नहीं ये समाज़ ऐसा क्यों है 😅बेटे के लिए बहु सभी को चाहिए पर एक बेटी नहीं सुहाती 😅ऐसा रोना लगा के रखते है मानो उसने इस दुनिया मे जन्म ले के पाप कर दिया हो😐कुछ पुरानी यादें ताजा हो गयी😅जब 23 साल पहले एक लड़की के होने पर पुरा घर रोया था😋और फिर उम्मीद करते हो की वही लड़की इस पुरुष प्रधान समाज को आगे बढ़ाये😅
असंभव
😌मेरी जिंदगी में man नाम का कभी कोई chapter नहीं होगा😍
जिसके होने पर रुलाई फुट गयी थी😌वो अब कभी तुम्हारे बनाये नियमो पे नहीं चलेगी🙏🏻