मेरे सपने में आये साई
हुए धन्य भाग मेरे, मेरे सपने में आए मेरे साई
गिर रही थी मै सिडियोसे, दिख रही थी मुझे एक गंदी खाई
फिरसे ऊपर चढ़ना जब लगा नामुमकिन, और मैं थी घबराई
तब अचानक, पलभरमे उठा लिया मुझे किसीने; वो थे मेरे साई
खड़े होकर जब देखा ऊपर, तो मुस्कुरा रहे थे मेरे साई
मै क्या कहूँ, कैसे धन्यवाद मानु आपका; आभार व्यक्त करने हु आयी
भले था वो एक सपना, पर सुकून मिला मुझे, जैसे थी वह एक सच्चाई
निहारने तुझे, तेरी तस्वीरको, मैं शुक्रिया अदा करने हु आयी
Armin Dutia Motashaw