#संतोष_श्रीवास्तव
कैथरीन के नागा साधु प्रकाशित पुस्तक पढी आपने बड़ी मेहनत की है सजीव चित्रण आंखो के सामने से दृष्टिगोचर होते हुए महसूस हुए । स्थानो का चित्रण वही कर सकता है जो स्वयं ने अनुभव किया हो । शब्द व भाव लिए चलते दिखाई दिये । नशे मे हिप्पी व नागाओ के संस्कार समयानुसार स्वाभाविक इच्छाओ का चित्रण प्रशंसनीय है । मै आपको बधाई देता हूँ मै आपसे परिचित नही पर लेखनी ने परिचय कराया है ।