Hindi Quote in Poem by Sudhir Srivastava

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हास्य व्यंग्य
यू. पी. मा योगी बा
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आजकल रोज फिजा में
यही सवाल गूँजत बा
जेकरा भी मन मा आवत है
जिसे योगी नाहीं भावत हैं,
वे सब पूछत हैं छाती पीटत है।
बाबा तोहरे राज मा
यू.पी. मा का बा
हमसे सुना लोगन ठीकै कहत ह
योगी का राज मा कछु नाहीं है,
बाबा तोहैं राजकाज नाहीं आवत बा।
काहे कि गुंडा मवाली जेल मा
हिस्ट्रीशीटर माफिया जेल में
भ्रष्टाचारी, बेईमान जेल मा
राशन माफिया जेल मा
अवैध कब्जे दार जेल मा।
चोर चंडाल सब जेल मा
जेल से खेल बंद बा
अच्छे अच्छों के दिमाग का
फालिज मारिगा।
बाबा तौ धूनी रमाय कै बैठ गये
जबरदस्ती शराफत से जिए खातिर
खूँटा गाड़ कै डटि गये,
शराफत से जिए बदे यू. पी. बा
नहीं तो सब कुछ यू.पी.के बाहर बा।
यू. पी. मा रहे बदे
शराफत सीखै का परी
नाहीं तो यू.पी. पुलिस
शराफत से समझाय देई,
नाहीं समझबा तो इतिहास बनाइ देई।
इ भगवाधारी कै स्टाइल है।
यू.पी. मा सिर्फ़ बाबा कै
स्टाइल एलाऊ बा
मगर बाबा के स्टाइल मा
सबहीं के मजा नाहीं है बा,
लोगन भी शराफत से जियत हैं,
मगर बहुतै परेशान हैं,
अब केहु धमकावत नहीं
सरेआम केहु के टपकावत नाहीं,
खाय बदै मोदी योगी राशन गैस
तेल, चना दैई रहे हैं,
शराफत से जो शराफत की बीमारी है
वसे छुटकारा मिलै के बजाय
बढ़त चला जात है,
लोगन शराफत से जिया नाहीं चाहत,
बाबा तोहार बात समझ नाहीं आवत बा।
हमनि के तोहार स्टाइल समझ से दूर बा
हमन गुँडन के डर,दहशत के बिना
जी न सकेला,
चोरी बेईमानी तू करै नाहीं देबा
शराफत से हमार बी. पी बढ़ल बा।
अस्पताल पर अस्पताल बनवाये जात हव
झोलाछाप और फर्जी डाक्टरन के
पेट पर लात मारत हव,
विकास कै गंगा बहावत हव
दहशत दूर भगावत हव,
दंगाइन कै संपत्ति कुर्क करावत है
नुकसान कै वसूली करावत है
जनता की खातिर चंद लोगन कै
चोरी सीना जोरी बंदै कराय दीहव
ई कछु नीक तौ नाहीं किहउ,
योगी जी तू सबका भगत बनाइ दियहू।
मगर ए बबुआ लोगन कुछ बूझिहा
कि हमहीं बताइ दी,
अब का करबा ई सब
अपने राम केर माया बा
ऊपर से मोदी केर छाया बा
यू. पी. माँ कछु नाहीं बा
मगर ई मत भूलिहा लोगन
यू.पी. मा योगी बाबा बा।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921

Hindi Poem by Sudhir Srivastava : 111783877
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