गेहूं की फसल बड़ी हो गयी है
पीली सरसों भी लहलाई है।
सर्दी अब गायब हो गयी है
हल्की धूप खिल आयी है।
आम के पेड़ों पर बौर भी लग गए
शाखों पर नई कोपलें आयी हैं
कोयल भी अब कू कू करती
मौसम ने ली अंगड़ाई है।
चेहरे पर सब के रौनक है।
गालों पे लालिमा छाई है।
आओ सब मिल कर गायें
बसंत पंचमी आयी है।
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं💐💐💐