आज ये रात पता नही क्यो चुभ रही है
ये पसरा सा सन्नाटा बहुत शोर कर रहा है।
इन सांसो मे आज घुटन सी हो रही है
और ये बेबाक आंखे न जाने क्यू बहे जा रही है।।
उनकी कही एक एक बाते
दिल पर घाव दिए जा रही है।
ये लब तो खामोश है मगर
कुछ लम्हे मन मे हिलोर लिए जा रही है।।
आज ये रात पता नही क्यो चुभ रही है
मीरा सिंह