हंसरते है, कहां कभी कम होती है।
बस,जिंदगी ही कम पड जाती है।
उम्मीद का दामन तो कस के पकड़े हुवे है।
बस हौंसले ही है जो दम छोड़ जाते है।
किसी के सहारे तो कही भी निकल जाए।
बस अकेले पड़ते हैं तो हार जाते है।
समझते है कोई हरदम साथ नही रहता।
ये दिल ही है जो नादान बन जाता है।
-Tru...