होंठों से छू लो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
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ना उम्र की सीमा हो
ना जन्म का हो बंधन
ना उम्र की सीमा हो
ना जन्म का हो बंधन
जब प्यार करे कोई
तो देखे केवल मन
नयी रीत चलाकर तुम
ये रीत अमर कर दो
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सब जीता किये मुझसे
मैं हरदम ही हारा
तुम हार के दिल अपना
मेरी जीत अमर कर दो
होंठों से छू लो तुम
मेरा गीत अमर कर दो