ऐसा क्या लिखदू के तू लॉट आए
समुंदर को किनारा लिख दू
इश्क में तुम्हे हमारा लिख दू
खुद को जूठा तुम्हे सच्चा लिख दू
या खुद को कान का कच्चा लिख दू
आज बाते आधी आधी लिख दू
सच से थोड़ी ज्यादा लिख दू
रातों वाला वादा लिख दू
या तुम को तुम से ज्यादा लिख दू
कितनी आसान होती न जिंदगी के सच में कुछ लिखने से कोई लौट आता होगा
पर लिख देने से इश्क किताबो में मुकम्मल है असलियत में नही तू बोल न ऐसा क्या लिख दू के तू लॉट आए
वो खाई कसमें सारी लिख दू या माफी बारी बारी लिख दू सोच के परे कोई ख्वाब लिख दू या सो मैं तुझे हजार लिख दू
पुरानी यादें सारी लिख दू या फिर से तुम्हे तुम्हारा लिख दू
थोड़ा लिख दू ज्यादा लिख दू या खुद में तुझको आधा लिख दू
बोलना
बोलना
ऐसा क्या लिख दू के तू लॉट आए😔