फरार हो जाऊं इस कैद से अब
दम घुटता है इस मोहब्बत में मेरा।
तुम्हारी नजर अंदाजी मारती है मुझे,
क्यों दम निकल रहा है आहिस्ता आहिस्ता मेरा।
अगर कहुँ तुम्हे मोहब्बत से कुछ भी
तुम नही करती हो अब ऐतबार मेरा।
बिछड़ कर भी जिंदा रहे हम
मर भी जाऊं तो मरेगा नही ये प्यार मेरा।
©MeriKhanii #MeriKhanii