उसने कहा तुमसे महोब्बत है,
पर मेरी तुमसे कुछ शर्तें है।
मेने कहा जाओ,खुश रहो सदा,
मुझे तुमसे सिर्फ महोब्बत है।
बातें करता हूँ,हमेशा आखें चुरा के ,
जुबां की तरह निगाहें भी बदतमीज़ है।
मुझसे प्यार है, ओर डरते भी हो!
तेरे प्यार में क्या मिलावट भी है?
भरे हुए कान लेकर बैठे रहे,ओर,
मुझसे तुम शायरी सुनवाते रहे।
में पूंछता रहा तुमसे अपने बारे मे।
तुम अपनो का हाल बताते रहे।
अगर तुम चाहते हो कि में हार जाउँ,
तो फिर जीत तेरी भी कहा मुकम्मिल है।
अलग होना भीड से अच्छी बात है,
पर दिशा का संज्ञान भी जरुरी है।
मिले तो ढूंढ लो आफताब-ए-इश्क़,
हम तो एक छोटी सी चिंगारी ही है।
- मनिष