जिंदगी की उलझनों में फंसी हुई हूँ,
कहीँ सारे सवालों से घिरी हुई हूँ,
दिल में उठ रहा तुफान है,
दिमाग बिलकुल सुन पड़ गया है,
परेशानियां सर पे चड्डी हुई है,
रिश्तेदारों ने भी मुँह मोड़ लिया है,
सामने खड़े हुए सो सवाल है,
लेकिन मेरे पास एक भी जवाब नहीं है।