में सोचता हूँ
शक भी कितना अजीब फ़ितना है
दो दिल कितनी मुश्किलों से
कितने नाजुक रास्ते तै करके
करीब आते है, घुल मिल जाते है
जैसे कभी जुदा नही होंगे ,
मगर एक जरा सा शक आन की आन में
शारी मोहब्बतों, शारी मुलाकातों को
पल में बर्बाद कर देता है।
#MeriKhanii