जिंदगी में अक्सर मैंने दिल से ही रिश्ते निभाए हैं
पिछले कुछ सालों में मैंने यह जाना कि
कई लोग दिमाग से रिश्ते निभाने में माहिर है
जो हो सो हो पर... Bindu
इन दिमागी वालों से अक्सर मेरी दूरी बढ़ जाती है
क्योंकि मैं रिश्तो के लिए कभी दांवपेच नहीं खेलती
क्योंकि यह मेरे खून में ही नहीं है
मैं जिनसे भी रिश्ता निभाती हूं पूरे दिल से ही निभाती हूं
पर यह दिमाग वाले अक्सर मुझे धोखा दे जाते हैं
पर मुझे अफसोस नहीं होता क्योंकि
मुझे लगता है मैं कुछ खो नहीं रही हूं
लेकिन हां वह एक भरोसेमंद व्यक्ति को
हमेशा-हमेशा के लिए खो देता है
इसीलिए मैं शुक्रगुजार हूं उस ऊपर वाले का
कि भले ही कुछ कम रिश्ते निभाए हैं
जो भी निभाए हैं पूरे दिल से निभाए हैं
और आगे भी उसे ऐसे ही निभाऊंगी
09:30 PM 19/10/21