Hindi Quote in Good Evening by ब्रह्मदत्त उर्फटीटू त्यागी चमरी हापुड़

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नवरात्रों की इस अंतिम संध्या पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई माता के नौ रूपों को..... एवं सभी उनके भक्त जनों को,.....
शुभ संध्या वंदन बृहस्पतिवार वीरवार गुरुवार आज भगवान विष्णु की इस संध्या में माता 8 रूपों को लेकर विदा हो चुकी हैं तो नवरात्रों की इस संध्या में माता को बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार करें.... और माता से अनुग्रह करें आने वाले नवरात्रों में विशेष कृपा लेकर हमारे द्वार आएं.......... जय माता दी जय माता की.... ब्रह्मदत्त
माता दुर्गा के नव रूप माता सिद्धिदात्री को बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का नवरात्रों का यह अंतिम दिन है
माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की
सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना
की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ
साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है।
सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण
विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है।
देवी सिद्धिदात्री का वाहन सिंह है। वह कमल पुष्प पर भी आसीन
होती हैं विधि-विधान से नौंवे दिन इस देवी की उपासना करने से
सिद्धियां प्राप्त होती हैं। यह अंतिम देवी हैं। इनकी साधना करने से
लौकिक और परलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती
है।
भगवान शिव ने भी सिद्धिदात्री देवी की कृपा से तमाम सिद्धियां प्राप्त
की थीं। इस देवी की कृपा से ही शिवजी का आधा शरीर देवी का
से
हुआ था। इसी कारण शिव अर्द्धनारीश्वर नाम से प्रसिद्ध हुए।
मां के चरणों में शरणागत होकर हमें निरंतर नियमनिष्ठ रहकर उपासना
करनी चाहिए। इस देवी का स्मरण, ध्यान, पूजन हमें इस संसार की
असारता का बोध कराते हैं और अमृत पद की ओर ले जाते हैं।
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देवी
पुराण में ऐसा उल्लेख मिलता है कि भगवान शंकर ने भी इन्हीं
की कृपा से सिद्धियों को प्राप्त किया था। ये कमल पर आसीन हैं
और केवल मानव ही नहीं बल्कि सिद्ध, गंधर्व, यक्ष, देवता और असुर
,
सभी इनकी आराधना करते हैं। संसार में सभी वस्तुओं को सहज और
सुलभता से प्राप्त करने के लिए नवरात्र के नवें दिन इनकी पूजा की
जाती है। इनका स्वरुप मां सरस्वती का भी स्वरुप माना जाता है।......... प्रस्तुतकर्ता➖ ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

Hindi Good Evening by ब्रह्मदत्त उर्फटीटू त्यागी चमरी हापुड़ : 111757169
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