*"भरोसा* *जितना* *कीमती* *होता* *है*...!
*धोखा* *उतना* *ही* *महंगा* *हो* *जाता* *है*
*फूल* *कितना* *भी* *सुन्दर* *हो*🌷
🌸 *तारीफ* *खुशबू* *से* *होती* *है*
*इंसान* *कितना* *भी* *बड़ा* *हो*
*कद्र* *उसके* *गुणों* *से* *होता* *है"*.....💐
🌾🍃🌤
*”सृष्टि कितनी भी सकारात्मक रूप से परिवर्तित हो जाए किन्तु फिर भी हम पूर्ण सुखी नहीं हो सकते...!*
*परंतु*
*हमारी दृष्टि थोड़ी सी सकारात्मक रूप से थोड़ी परिवर्तित हो जाए तो हम सुखी हो सकते हैं।*
*"जैसी दृष्टि - वैसी सृष्टि"*
हरि बोल जय श्री कृष्णा राम राम सा
*शुभ प्रभात।*
।।जय सियाराम जी।।