बहोत खुश रहा करते थे,उनके आहोस में।
पर उन्हें तो हमारे उदास चहेरे पर ही प्यार आता था।
खुश देखकर आगे निकल जाते थे रास्ते पर।
उदास देख लिया तो पास ठहर जाते थे।
इसलिए ए खुदा गमों का बाज़ार सिर्फ हमारे लिए ही लगाना।
उन्हें हमारे लिए हमदर्दी दिखाने का मौका
तू देना।
थोड़ी देर के लिए तो सही पास तो बैठेंगे।
इन्हीं लम्हे के सहारे हम सारी उम्र काट लेंगे।